धनबाद : धनबाद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत ड्राइवर, ईएमटी और अन्य कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है।
इससे उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार वेतन नहीं मिलने से उनके सामने बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया और रोजमर्रा के खर्चों की समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे सातों दिन चौबीसों घंटे सेवा में तैनात रहकर दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाते हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल रहा।
कई कर्मियों को कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत कराया गया है। बावजूद कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि भुगतान प्रक्रिया में देरी एजेंसी की लापरवाही के कारण हो रही है। यह समस्या धनबाद के साथ साथ अन्य जिलों में भी बनी हुई है। बता दें कि धनबाद जैसे कोयला क्षेत्र और घनी आबादी वाले जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यहां 32 गाड़ियां दिन रात मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी हैं। इनके कर्मचारी फांकाकशी के दौर से गुजर रहे हैं। इसका असर इस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है।



