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फर्जीवाड़ा : धनबाद में एमबीबीएस में नामांकन लेने वाली छात्रा का जाति प्रमाण पत्र निकला फर्जी, धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई की तैयारी

Newsfast Sabsefast24

धनबाद : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में एसटी कोटे से नामांकन के लिए पहुंची एक छात्रा का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है. यही नहीं जाति प्रमाण पत्र की सत्यता के लिए, उसने जो प्रबंधन को अपना शपथ पत्र दिया था, वह भी फर्जी निकला. मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रा के खिलाफ धोखाधड़ी की कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है.

छात्रा का जाति प्रमाण आया शक के घेरे में

दरअसल, 8 नवंबर में सुचारिता दत्ता नाम की एक छात्रा, एसटी कोटे से नामांकन के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची थी. उसके द्वारा जो जाति प्रमाण पत्र मेडिकल कॉलेज को दिया गया गया था, प्रबंधन को उस पर शंका हुई. जिसके बाद छात्रा से शपथ पत्र मांगा गया. शपथ पत्र के माध्यम से उसने अपनी जाति प्रमाण पत्र को सही ठहराया. शपथ पत्र गोड्डा सीओ के दफ्तर से बना था. प्रबंधन को शंका होने के बाद जाति प्रमाण पत्र से संबंधित कागजात गोड्डा सीओ को भेजे गए. जांच पड़ताल के बाद गोड्डा सीओ ने मेल के जरिए प्रबंधन को जाति प्रमाण पत्र और शपथ पत्र दोनों फर्जी होने की जानकारी साझा की.

नामांकन के लिए पहुंची छात्रा सुचारिता दत्ता का जाति प्रमाण पत्र शक के दायरे में था. समिति की जांच के बाद छात्रा का नामांकन ले लिया गया लेकिन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट से शपथ पत्र की मांग की गई. शपथ पत्र में यह निहित है कि यदि जाति प्रमाण फर्जी पाया गया, तो उस अवस्था में नामांकन रद्द कर दिया जाएगा: डॉ. गणेश कुमार, प्रभारी प्राध्यापक, छात्र शाखा

गोड्डा सीओ कार्यालय ने छात्रा के जाति प्रमाण पत्र को ठहराया गलत

छात्रा द्वारा एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का शपथ पत्र भी दिया गया. जिसके बाद छात्रा का नामांकन लिया गया. विशेष दूत के माध्यम से गोड्डा सीओ के पास जाति प्रमाण पत्र और शपथ पत्र सत्यापन के लिए भेजा गया. मेल के जरिए गोड्डा सीओ कार्यालय से बताया गया कि दोनों दस्तावेज फर्जी हैं. जिसके बाद तत्काल छात्रा का नामांकन रद्द कर दिया गया है.

छात्रा के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई : डॉ. गणेश कुमार

छात्रा की पढ़ाई पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा जिले से हुई है. जाति का दावा उसने गोड्डा जिले से किया था. आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की बात डॉ. गणेश कुमार ने कही है. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें हैं, जिसमें 98 सीटों पर नामांकन हो चुका है, दो सीट खाली हैं. उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि गलत का सहारा ना लें. यदि कोई गलत करेगा तो इसके लिए दंड झेलना पड़ेगा. ऐसे मामलों में जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है, उनका करियर भी बर्बाद हो जाता है.

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