धनबाद : वेब सीरीज पंचायत में विधायक
जी के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता पंकज झा ने शनिवार को आईआईटी आईएसएम धनबाद में कहा कि जो अपनी लाइफ को सेलिब्रेट करें, वही सेलिब्रिटी है।
आज जिस तरह लोग किसी हीरो के साथ सेल्फी और फोटो में अपनी पहचान खोजते हैं। वह एक तरह की मनोवैज्ञानिक बीमारी है। खुद का सम्मान करना सीखिए। जो व्यक्ति भीड़ का हिस्सा नहीं होगा, वह अलग होगा। उन्होंने एक पंक्ति गुनगुनाते हुए कहा कि आदमी से पूछता है आदमी… कि किधर मिलेगा आदमी… दूसरों की निगाहों में, खुद का पता पूछता है आदमी, अपने घर वापिस कब आएगा आदमी..।
पंकज झा आईआईटी के पेनमेन हॉल में सृजन के तहत आयोजित लाइव टॉक में बेबाकी से प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमसब बनावटी हो गए हैं। हर व्यक्ति एक्टिंग करता है। सभी अपने चरित्र को जी रहे हैं। उन्होंने अपनी किताब अज्ञात से ज्ञात की ओर की चर्चा करते हुए सुनाया कि मैने चांद पर कुछ लिखा है, तुम उसे चुपके से पढ़ लेना, तुम कुछ मत कहना… मैं सब समझ जाऊंगा, तुम शाम को याद करना… मैं रात सपने में जरूर आऊंगा…। उन्होंने कहा कि मुझे हर समय लगता था कि मैं मिसफिट हूं। मैंने ओशो आश्रम में रहकर ध्यान किया। अपने ऊपर काम किया। प्रेम सबसे बड़ी पाठशाला है। ईमानदार सबको होना चाहिए क्योंकि स्वयं को जवाब देना होता है। उन्होंने कहा कि मार्क्स व अन्य मामले में अभिभावक अपने बच्चों की तुलना दूसरों से करके विलेन का काम करते हैं। व्यंग्य करते हुए कहा कि पैरेंट्स घर पर नहीं, सर पर हैं। आजकल के बच्चों को मोटिवेट करने का काम हो रहा है। कभी सोचा है कि ये बच्चे डी मोटिवेट कैसे हो गए, यह नहीं करें। उन्होंने कहा कि यह सोचें कि सिद्धार्थ को क्या दिखा कि महल छोड़कर चले गए। पंकज झा ने कहा कि कुछ लोग संघर्ष व अपने सफर की बात करते हैं। वास्तव में संघर्ष नहीं होता है। आप जीवित हैं और सोचने की क्षमता है तो संघर्ष किस बात की। संशय की बात आने पर उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। आप संतुष्ट नहीं हैं और कुछ तलाश कर रहे हैं। अच्छा व बुरा दोनों को देखना है। — छात्र ने पूछा – विधायक जी ने कुत्ता खाया था या नहीं छात्रों ने पंकज झा से सवाल किया कि पंचायत फोर कब आ रही है, इसका उत्तर देने से बचते हुए उन्होंने कहा कि यह तो आपलोगों को पता चल ही जाएगा। छात्रों ने पंचायत वेब सीरीज से संबंधित कई सवाल पूछे। एक छात्र ने तो यह तक पूछ लिया कि विधायक जी ने कुत्ता खाया था नहीं। इस पर पंकज झा ने हंसते हुए कहा कि इस छात्र से माइक हटाया जाए। इसपर हंसी के फव्वारे फूट पड़े। सहरसा के आईआईटीयन की मांग पर प्रीतम गैलनि तोर परदेस…मैथिली गीत गाकर सुनाया। छात्रों ने कई प्रश्न पूछे।



