दरभंगा : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर दरभंगा एम्स के निर्माण में कथित साजिशन देरी के विरोध में शुक्रवार को जोरदार प्रतिरोध देखने को मिला। दरभंगा एम्स बनाओ अभियान समिति, नागरिक समाज, दरभंगा के तत्वावधान में निर्माण स्थल शोभन के समीप एक दिवसीय सामूहिक उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शुक्रवार सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक चला, जिसकी अध्यक्षता जनकवि शंकर प्रलामी ने की। शुरुआत मंच पर स्थापित महात्मा गांधी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर बापू की शहादत को नमन किया गया। वक्ताओं ने गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग को याद करते हुए एम्स निर्माण में पारदर्शिता और तत्परता की मांग उठाई। वहीं, 15 महीने बाद भी निर्माण ठप होने का आरोप लगाया है। वक्ताओं ने बताया कि 13 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास के दौरान तीन वर्षों में एम्स दरभंगा को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन 15 महीने बीत जाने के बावजूद अब तक केवल एक गेट का ढांचा और करीब 5000 मीटर भूमि में से मात्र 400 मीटर चहारदीवारी का ही निर्माण हो सका है। इसे लेकर आंदोलनकारियों में गहरा रोष दिखा। नागरिक समाज के संयोजक उमेश राय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस एकदिवसीय उपवास के बाद भी सरकार के रवैये में सुधार नहीं हुआ तो नागरिक समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।
दरभंगा एम्स के निर्माण में देरी के विरोध में सामूहिक उपवास, सरकार को दी चेतावनी



