धनबाद : प्रतिभा किसी क्षेत्र या स्थान की सीमाओं में बंधी नहीं होती, इसे धनबाद की लेखिका एवं समाजसेविका शालिनी खन्ना ने सिद्ध कर दिखाया है। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग के अंतर्गत कार्यरत हिन्दी अकादमी, दिल्ली ने पुस्तक प्रकाशन सहयोग योजना के तहत उनकी पुस्तक ‘आप्यायन’ की पाण्डुलिपि का चयन किया है।
गत्यात्मक ज्योतिष के संस्थापक श्री विद्या सागर महथा की सुपुत्री शालिनी खन्ना धनबाद में गत्यात्मक ज्योतिष विशेषज्ञ, समाज सेविका एवं लेखिका के रूप में सुविख्यात रही हैं। विशेष रूप से रक्तदान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे उन्होंने धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई।
विगत तीन वर्षों से दिल्ली में निवासरत शालिनी खन्ना ने लेखन के प्रति अपनी रुचि को निरंतर साधते हुए कहानियाँ लिखीं और अब इस साहित्यिक उपलब्धि के माध्यम से एक नया मुकाम हासिल किया है।
शालिनी खन्ना की पांडुलिपि में समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं का संवेदनशील और यथार्थ चित्रण किया गया है। समाज सेवा के दौरान देखे गए अनुभवों को उन्होंने साहित्यिक रूप में प्रस्तुत किया है। साथ ही, अपनी कर्मभूमि झरिया (धनबाद) में कोयला खनन से उत्पन्न सामाजिक, आर्थिक एवं मानवीय चुनौतियों पर आधारित एक प्रभावशाली कहानी भी पांडुलिपि का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पाठकों को सोचने पर विवश करती है।
इस अवसर पर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों के आशीर्वाद तथा समाजसेवा के दौरान प्राप्त लोगों की दुआओं को दिया।
धनबाद की लेखिका शालिनी खन्ना की पाण्डुलिपि का हिन्दी अकादमी दिल्ली ने किया चयन



