धनबाद : अग्नि प्रभावित और भू-धंसान क्षेत्र में बसे परिवार को बेलगड़िया टाउनशिप में बसाने की कवायद जारी है. हजारों लोगों को बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया भी जा चुका है. रोजगार को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. बेलगड़िया टाउनशिप की महिलाएं अब अपने हुनर से पहचान बनाएंगी. आने वाले समय में बांस और जूट जैसे पारंपरिक संसाधनों से रोजगार का रास्ता खुलेगा.इलाके में लोगों को रोजगार की दिशा में जोड़ने के लिए सोमवार को बेलगड़िया टाउनशिप के फेज-5 में झारशिल्प केंद्र की शुरुआत की गई. डीसी आदित्य रंजन ने दीप प्रज्ज्वलन कर झारशिल्प केंद्र का उद्घाटन किया. यह केंद्र एसीआईसी आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन का एक्सटेंशन सेंटर है, जहां महिलाओं को बांस और जूट से जुड़े हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत कदम : डीसी
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है. प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं न सिर्फ नया हुनर सीखेंगी, बल्कि अपने पैरों पर खड़ी भी हो सकेंगी. उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और इसका पूरा लाभ उठाने की अपील की. झारशिल्प केंद्र की खास बात यह है कि यहां केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने की भी व्यवस्था होगी.आईआईटी आईएसएम के उप निदेशक प्रोफेसर धीरज कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और बिक्री की जानकारी दी जाएगी. जिससे कि उनकी मेहनत को सही दाम मिल सके. आईआईटी (आईएसएम) फाउंडेशन की सीईओ डॉ आकांक्षा सिन्हा ने कहा कि यह केंद्र महिलाओं के लिए लंबे समय तक लाभ देने वाला साबित होगा. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.कार्यक्रम में झरिया मास्टर प्लान के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्य और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे. झारशिल्प केंद्र के उद्घाटन के दौरान बेलगड़िया की महिलाओं के चेहरे पर नई उम्मीद और आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था.



