चमक-दमक से दूर, ज़मीन से जुड़ा धनबाद का जिला प्रशासन , तस्वीर हो रही वायरल
धनबाद :* धनबाद से एक तस्वीर, जो सोच बदलने की ताक़त रखती है। यह तस्वीर देखने में भले ही बेहद साधारण लगे, लेकिन इसके भीतर छुपा संदेश असाधारण है। तसवीर में धनबाद जिले के चार वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सनी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार और अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे — टुंडी स्थित दिशोम गुरु आश्रम पहुंचे हुए नजर आ रहे हैं।
यहां किसी वीआईपी कुर्सी, किसी सजे-धजे डाइनिंग टेबल या विशेष इंतज़ाम की झलक नहीं है। अधिकारी आम लोगों की तरह ज़मीन पर बैठकर पत्तल में भोजन करते दिखाई दे रहे हैं। साथ बैठकर खाना बांटना, आपस में संवाद करना और सादगी से भोजन करना — यही इस तस्वीर की सबसे बड़ी ताक़त है।
अक्सर जनता के मन में यह धारणा बन चुकी है कि अधिकारी मतलब चमचमाते कमरे, औपचारिक बैठकें और दूरी। लेकिन यह तस्वीर उस सोच को तोड़ती है। यहां प्रशासन और जमीन के बीच की खाई नहीं, बल्कि जुड़ाव साफ नज़र आता है।
तस्वीर में अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और एकता भी झलकती है। कोई औपचारिकता नहीं, कोई दिखावा नहीं — बस सादगी, सम्मान और साथ होने का भाव।
यूं तो यह पहली बार नहीं है जब उपायुक्त आदित्य रंजन की ऐसी तस्वीर सामने आई हो। इससे पहले भी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वे एक सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ एक ही टेबल पर बैठकर भोजन करते नजर आए थे। उस तस्वीर ने भी समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया था — कि प्रशासन अगर चाहे तो जनता के बेहद करीब हो सकता है।
आज की यह तस्वीर भी उसी कड़ी का हिस्सा है। यह तस्वीर बताती है कि नेतृत्व केवल आदेश देने से नहीं, बल्कि साथ चलने से बनता है।
शायद इसी वजह से लोगों को यह तस्वीर खास लग रही है। क्योंकि इसमें ताक़त नहीं, अपनापन है। ओहदा नहीं, संवेदना है। और यही वह प्रशासन है, जिसकी तस्वीर जनता अपने मन में देखना चाहती है। कभी-कभी एक तस्वीर, हजार भाषणों से ज़्यादा प्रेरणा दे जाती है।



