धनबाद : पहाड़ और ओबीआर जैसे खूबसूरत नजारों से घिरे सूबे की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर धनबाद के ज्यादातर पर्यटन स्थलों पर आज तक सरकार की नजर ही नहीं पड़ी है। नतीजतन राज्य सरकार के अधिसूचित पर्यटन स्थलों की सूची में धनबाद के दर्जनों पर्यटन स्थलों को शामिल ही नहीं किया गया है।
मई महीने में जिला प्रशासन ने 21 पर्यटन स्थलों को चिह्नित करते हुए उसे अधिसूचित (नोटिफाइड) करने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा था। छह महीने बीत गए लेकिन जिला प्रशासन के प्रस्ताव की फाइल रांची में धूल फांक रही है। धनबाद में केवल चार पर्यटन स्थल ही सरकार की ओर से अधिसूचित किए गए हैं। इसमें मैथन, पंचेत, तोपचांची और भटिंडा शामिल हैं।
इन चारों के साथ कई ऐसे पर्यटन क्षेत्र हैं, जहां हर दिन लोगों की भीड़ जुटती है लेकिन इस पर सरकार का ध्यान नहीं है। खासकर टुंडी में कई ऐसे खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं, जिसे सरकार अगर विकसित करती तो काफी पर्यटक दूसरे राज्य से खींचे चले आते। झारखंड बनने के 25 वर्षों बाद भी धनबाद के पर्यटन स्थल सरकारी अनदेखी के शिकार हैं। यहां किसी तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह पर्यटन स्थल, पर्यटकों से दूर है।
*चार पर्यटन स्थल अलग-अलग श्रेणी में अधिसूचित*
मैथन डैम : ए श्रेणी (जहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते हैं।) तोपचांची झील : सी श्रेणी (जहां राज्यभर से पर्यटक आते हैं) पंचेत डैम : सी श्रेणी (जहां राज्यभर से पर्यटक आते हैं) भटिंडा जलप्राप्त : डी श्रेणी (जहां जिलेभर से पर्यटक आते हैं।)
इन्हें अधिसूचित करने के लिए भेजा प्रस्ताव
बूढ़ा बाबा शिव मंदिर झिंगीपहाड़ी, दलदली आश्रम, दुखहरणी मंदिर झरिया, कल्याणेश्वरी मंदिर चासनाला, लिलोरी मंदिर गंगापुर, लिलोरी मंदिर कतरास, बूढ़ा बाबा मंदिर पूर्वी टुंडी, मां देशवाली मंदिर कच्छी बलिहारी, मोहलबनी काली मंदिर, रामराज मंदिर चिटाहीधाम, बिरसा मुंडा पार्क धनबाद, मां झोरबूढ़ी गर्म कुंड कलियासोल, रेजलीबांध गोविंदपुर, शक्ति मंदिर धनबाद, शिव मंदिर पतराकुल्ही, गौरीशंकर धाम भेलाटांड़, वनकाली मंदिर गोविंदपुर, प्रियदर्शन पार्क सिंदरी, झरिया राजा तालाब एवं राजागढ़ मंदिर, गर्मकुंड चर्कखुर्द, भगुडीह डैम टुंडी।
धनबाद से 21 पर्यटन स्थलों को अधिसूचित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर सरकार की ओर से इसके लिए फंड मिलेगा और पर्यटन स्थल का विकास होगा। -उमेश लोहरा, नोडल पदाधिकारी जिला पर्यटन विभाग
झारखंड बनने के 25 वर्षों बाद भी धनबाद के 21 पर्यटन स्थल सरकारी अनदेखी के शिकार, सरकार की सूची में अब तक शामिल नहीं, नोटिफाइ करने के लिए सरकार के पास छह महीने से रांची में धूल फांक रहा जिला प्रशासन का प्रस्ताव, जनप्रतिनिधियों ने भी नहीं ली सुध



